कथित सगोत्रीय विवाह के विरुद्ध याचिका निरस्त

कथित समान गोत्र में विवाह पर प्रतिबंध लगाए जाने संबंधी एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस याचिका को समय की बर्बाद करने वाला बताया है। न्यायमूर्ति एस. एन. ढींगरा […]

पुलिस चार्जशीट में नाम होने मात्र से ही अग्रिम जमानत से इंकार नहीं किया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल पुलिस आरोप-पत्र में किसी व्यक्ति को आरोपित गिए जाने के आधार पर अदालत उसे अग्रिम जमानत देने से इनकार नहीं कर सकती। जस्टिस तरूण […]

श्रम विवाद मामलों में आवश्यक रूप से श्रमिक संगठनों के पक्ष को सुना जाए

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि श्रम विवाद मामलों में फैसला सुनाये जाने से पहले अदालतों में आवश्यक रूप से पीड़ित श्रमिकों या मजदूर संगठनों के पक्ष को सुना जाना चाहिए अन्यथा यह प्राकृतिक न्याय […]

छुट्टियाँ कम, काम ज़्यादा करे सुप्रीम कोर्ट: विधि आयोग

सुप्रीम कोर्ट के जज भले ही सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच (पीठ) स्थापित करने के विरुद्ध हों, लेकिन भारतीय विधि आयोग का इस मामले में दूसरा मत है। वह एक नहीं बल्कि उत्तर, दक्षिण, पूरब […]

रिलायंस इंडस्ट्रीज को झटका: रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड के पक्ष में फैसला

आंध्र प्रदेश के कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को झटका देते हुए रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (RNRL) के पक्ष में फैसला सुनाया है। इससे […]

सुप्रीम कोर्ट: दोनों पक्षों को पता भी नहीं कि फैसला सुनाया जाने वाला है

सुप्रीमकोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट को उस मामले की दोबारा सुनवाई करने को कहा है जिसमें उसने दोनों पक्षों की अनुपस्थिति में फैसला सुनाया था। यहां तक कि दोनों पक्षों को पता भी नहीं था कि […]

अदालतों को अपराधियों के प्रति गैरजरूरी संवेदना नहीं जतानी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालतों को अपराधियों के प्रति गैरजरूरी संवेदना नहीं जतानी चाहिए। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि ऐसा करने से जनता का कानून से भरोसा उठ जाएगा और देश में अराजकता […]

सम्मान बचाने और लोकलाज से बचने के लिए ह्त्या करने वालों से अदालत की सहानुभूति

राज नामक 18 वर्षीय अविवाहित युवती के गर्भवती होने के बाद सामाजिक लोक लाज के कारण उसकी मां दर्शना ने छोटी बेटी रजनी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। बेटी की हत्या के […]

पुराने फैसले, नज़ीर बन सकते हैं

सुप्रीमकोर्ट के न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत और न्यायमूर्ति एके गांगुली की पीठ ने, आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को खारिज करते हुए एक व्यवस्था दी है, जिसमें उसने उत्पाद शुल्क विभाग के एक निरीक्षक को भ्रष्टाचार […]

महिला की मर्यादा भंग करना अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त, लेकिन मर्यादा की कोई ठोस अवधारणा नहीं!

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि किसी अभियुक्त को सिर्फ इस आधार पर महिला की मर्यादा भंग करने के लिए सजा दी जा सकती है कि उसके कृत्य से महिला की मर्यादा भंग हो सकती […]