पर्याप्त आधार के बिना किसी को हिरासत में रखना असंवैधानिक

सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को कथित हिरासत के लिए आधार मुहैया कराए बिना एहतियात के तौर पर हिरासत में रखना असंवैधानिक होगा। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली की एक […]

भारतीय मूल के एक तस्कर धस लाख पाउंड का जुर्माने की सजा

ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक तस्कर पर 80 लाख से अधिक नकली सिगरेटों की तस्करी के आरोप में 10 लाख पाउंड का जुर्माने की सजा दी है। लीसेस्टर क्राउन अदालत ने […]

गैरकानूनी हिरासत से मिला अपयश, मौत से बदतर: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता किसी भी नागरिक का सबसे महत्वपूर्ण मूलभूत अधिकार है तथा गैरकानूनी हिरासत से उसे अपूरणीय क्षति और उसका अपमान होता है। न्यायमूर्ति अल्तमश […]

‘मकोका’ में बार-बार गिरफ्तार होने वालों को जमानत नहीं

सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी कानून और महाराष्ट्र संगठित अपराध कानून (मकोका) के तहत बार-बार गिरफ्तार करने वाले अपराधियों को जमानत नहीं देने के उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा है। शीर्ष […]

अपने आदेशों की समीक्षा नहीं कर सकती अदालतें

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि लिपिकीय या गणितीय भूल को छोड़कर अदालतों को अपने आदेश या फैसलों की समीक्षा की कोई निहित शक्ति प्राप्त नहीं है। सीआरपीसी की धारा 362 का उल्लेख करते हुए […]