पशु बिक्री प्रतिबंध अधिसूचना पर लगाई गई रोक पूरे देश में लागू

पशु बिक्री प्रतिबंधपशु बिक्री प्रतिबंध अधिसूचना पर लगाई गई मद्रास हाई कोर्ट की रोक को सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में लागू कर दिया है।

केंद्र सरकार ने पशु ब्रिकी प्रतिबंध के लिए एक अधिसूचना जारी की लेकिन मद्रास हाई कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी। अब वह रोक तमिलनाडू के साथ-साथ पूरे देश पर लागू हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने वध के लिए पशुओं के व्यापार से जुड़े केन्द्र सरकार के इस नए नियम पर रोक लगाते हुए बताया है कि पशु वध क्रूरता नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने पशुधन के नए नियम पर सुनवाई के दौरान  11 अगस्त  को केंद्र सरकार से पूछा कि एक व्यक्ति एक जानवर को मार कर क्यों नहीं खा सकता?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार की यह नई व्यवस्था पशुधन बाजार को नियंत्रित करने का एक प्रयास है जबकि संविधान के अनुसार केवल राज्य सरकार ही वधशालाओं के लिए नियम बना सकती है।

इस अधिसूचना के बाद वध के लिए पशु बिक्री प्रतिबंध छह माह के लिए लागू किया था। इसके तहत खरीदार को पशु निरीक्षक की ओर से दिया गया खरीदारी का प्रमाणपत्र रखना आवश्यक था।

सीजेआई जेएस खेहर ने पूछा, जानवर की श्रेणी में हमेशा गाय और भैंस को ही मानते हैं, चिकन भी हो सकता है। एक व्यक्ति चिकन को घर ले जाकर क्यों नहीं खा सकता? उन्होंने सुनवाई के दौरान एक और अहम बात कही कि वधशाला क्रूरता नहीं है।

यह फैसला चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने लिया। दोनों ने केंद्र सरकार के उस नोट को भी देखा जिसमें उस नोटिफिकेशन को फिर से नए सिरे से तैयार करने की बात कही गई थी।

केंद्र सरकार ने 23 मई को अधिसूचना जारी कर जानवरों से क्रूरता की रोकथाम (पशुधन बाजार नियमन) अधिनियम, 2017 पर रोक लगा दी थी । इससे मुक्त व्यापार करने के अधिकार पर असर पड़ता ।

पशु बिक्री प्रतिबंध का विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि यदि इस नए नियम पर रोक लगा दी जाए तो मीट उत्पादन और उससे संबंधित रोजगार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

इस अधिसूचना में कहा गया था कि पशु बाज़ार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख़्स बाज़ार में अवयस्क पशु को बिक्री के लिए न लेकर आए.

किसी भी शख़्स को पशु बाज़ार में मवेशी को लाने की इजाज़त नहीं होगी जब तक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्ताक्षरित लिखित घोषणा-पत्र न दे दे जिसमें मवेशी के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो. साथ ही मवेशी की पहचान का पूरा ब्योरा देने के साथ यह भी स्पष्ट करना होगा कि मवेशी को बाज़ार में बिक्री के लिए लाने का उद्देश्य उसका वध नहीं है.

इस अधिसूचना के मुताबिक किसी भी शख़्स को पशु बाज़ार में मवेशी को लाने की इजाज़त नहीं होगी जब तक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्ताक्षरित लिखित घोषणा-पत्र न दे दे जिसमें मवेशी के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो. पशु बाज़ार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख़्स बाज़ार में अवयस्क पशु को बिक्री के लिए न लेकर आए.

सरकार ने मवेशियों से जुड़ीं क्रूर परंपराओं पर भी प्रतिबंध लगाया है, जिसमें उनके सींग रंगना तथा उन पर आभूषण या सजावट के सामान लगाना शामिल है.

VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 10.0/10 (1 vote cast)
पशु बिक्री प्रतिबंध अधिसूचना पर लगाई गई रोक पूरे देश में लागू, 10.0 out of 10 based on 1 rating
Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)