सिक्खों पर चुटकुले के लिए नैतिक दिशा-निर्देश जारी नहीं हो सकते

सिक्खों पर चुटकुलेसिक्खों पर चुटकुले के मामले पर 7 फरवरी को उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि अदालत, लोगों के लिए नैतिक दिशानिर्देश जारी नहीं कर सकती. ये बेहद मुश्किल है कि किसी समुदाय विशेष के लिए दिशानिर्देश बनाये जाएँ.

मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की गई है.

अदालत ने कहा ‘अगर किसी को सिक्खों पर चुटकुले से आपत्ति है तो वो कानून के हिसाब से मुकद्दमा दर्ज करा सकता है. अगर आज कोर्ट किसी धर्म या जाति विशेष के लिए कोई दिशानिर्देश बनाता है तो कल कोई दूसरी जाति या धर्म के लोग दिशानिर्देश बनाने की मांग को लेकर कोर्ट आ जाएंगे. हंसी पर कोई कंट्रोल नहीं है. कोई हंसता है, कोई नहीं हंसता’.

न्‍यायालय ने कहा है कि अगर स्कूल में किसी बच्चे को सिक्खों पर चुटकुले की कोई शिकायत है या कोई परेशानी है तो प्रधानध्यापक और अध्यापक उसका समाधान करेंगे. ऐसे में कोई सामान्य दिशानिर्देश नहीं बनाये जा सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने सेना में रेजिमेंट्स का हवाला देते हुए कहा कि सेना की रेजिमेंट्स से इस मामले की तुलना नहीं कर सकते. जब रात में हम शांति से सोते हैं तो सरहद पर जवान न्यूनतम तापमान में जागकर हिफाजत करते हैं.

सिक्खों को लेकर किए जाने वाले मजाक को बंद करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि, “हम यह नहीं कह रहे कि इस मामले पर कोई दिशानिर्देश नहीं होने चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि इन निर्देशों को लागू कैसे किया जाएगा?”

ये टिप्पणियां न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिक्खों पर चुटकुले पर प्रतिबंध लगाने की मांग की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कीं. पीठ ने कहा कि सिख बहुत सम्मानित समुदाय है.

मामले में अपनी दलीलें रखने वाले वकीलों और सिक्ख संस्थाओं से इस संबंध में सुझाव मांगते हुए पीठ ने कहा, “हम इस तरह के चुटकलों और सामग्री के व्यावसायिक प्रचलन को रोकने का आदेश जारी कर सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से इसे रोकना आसान नहीं होगा.”

सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि सिक्खों पर चुटकुले का प्रचलन दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है. लोग उससे आहत होते हैं.
\
एक महिला वकील की ओर से 30 अक्टूबर 2015 को दाखिल जनहित याचिका में सिक्खों पर चुटकुले पर रोक लगाने की मांग की गई है.

VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 0.0/10 (0 votes cast)
यहाँ आने के लिए इन मामलों की हुई तलाश:
  • kisi k nme c chutkule

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)