कामकाजी पत्नी को भी गुजारा भत्ता पाने का हक

अदालत के एक फैसले अनुसार पति से ज्यादा कमाने पर भी कामकाजी पत्नी गुजारा भत्ता पाने की हकदार है.

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर 2016 को एक फैसले में स्पष्ट किया है कि पत्नी भले ही पति से ज्यादा कमाती हो लेकिन वह गुजरा भत्ता  पाने की हकदार है.  हाईकोर्ट ने पठानकोट जिला न्यायालय के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज करते हुए कहा कि पत्नी हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत पति से गुजरा भत्ता पाने की हकदार है.

जस्टिस रेखा मित्तल ने कहा कि बढ़ती मंहगाई को देखते हुए रोजमर्रा की जरूरत, दो बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च के साथ सामाजिक दबाव को झेलने वाली महिला के लिए यह खर्च ज्यादा नहीं कहा जा सकता.

पठानकोट कोर्ट ने पति को कामकाजी पत्नी और दो बच्चों की देखभाल के लिए हर महीने 15 हजार रुपए गुजरा भत्ता  देने का आदेश दिया था.

फैसले के खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि पत्नी उनसे ज्यादा कमाती है, सरकारी स्कूल में पढाती है और उसका वेतन करीब 48 हजार रुपए है जबकि उसका वेतन 37 हजार है.

2013 में जब पठानकोट कोर्ट में केस दायर किया गया था, उस समय भी पत्नी का वेतन ज्यादा था. इसके अलावा उन्हें अपने बुजुर्ग माता पिता का देखभाल भी करनी पड़ती है. कामकाजी पत्नी का उनसे ज्यादा वेतन होने के चलते पठानकोट कोर्ट के गुजारा भत्ता  देने के फैसले में कटौती की जाए.

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी.

फैसले की प्रति व अन्य विवरण यहाँ क्लिक कर देखें

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  • सुप्रीम कोर्ट का २७-७-२०१७ का दहेज़ पर डिसिशन

2 thoughts on “कामकाजी पत्नी को भी गुजारा भत्ता पाने का हक”

  1. एक मूर्खतापूर्ण निर्णय…पुरुष पक्ष को इसकी अपील उच्चतम न्यायालय करनी चाहिए. जजों द्वारा दूषित मानसिकता वाली महिलाओं का पक्ष लेने से ही आज झूठे दहेज और तलाक के मामलों में बढौतरी हुई है. सही पीड़ित को तो असली में “न्याय” ही प्राप्त नहीं होता है और उसकी न्याय खरीदने की हैसियत नहीं होती..

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