लिव-इन संबंधों वाले जोड़े, शादीशुदा माने जायेंगे

live-in-adaalatसुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को एक बड़ा फैसला सुनाया है. अब अगर एक अविवाहित दंपत्ति पति-पत्नी के रूप में लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ रहते है तो उन्हें कानूनी तौर पर शादीशुदा मान लिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने एक ताजा मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया.

साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे लिव-इन दंपत्तियों में से पुरुष साथी की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति पर महिला का भी अधिकार होगा.

जस्टिस एम.वाई.इकबाल और जस्टिस अमितवा रॉय की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसे जोड़ों में खुद के विवाहित नहीं होने की बात साबित करने की जिम्मेदारी जोड़े की होगी.

इसके बाद खंडपीठ ने कहा कि कानून की नजर में लंबे समय से साथ रहने वाले जोड़े स्वाभाविक तौर पर विवाहित माने जाएंगे. हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि दंपत्ति में से जो भी खुद के शादीशुदा न होने की बात साबित करना चाहेगा उसे अदालत में साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष सिद्ध करना होगा.

​सुप्रीम कोर्ट साल 2010 से ही लगातार लिव-इन संबंध में रहने वाले जोड़ों के पक्ष में फैसला सुनाता आ रहा है. ऐसे संबंधों में रहने वाली महिला को कोर्ट ने लगातार पत्नी का दर्जा दिया है.

यह ताजा फैसला कोर्ट ने एक संपत्ति विवाद के मामले के दौरान सुनाया है. उक्त मामले में एक महिला के खिलाफ उसके लिव-इन साथी के परिवार वालों ने यह कहकर मामला दायर किया था कि क्योंकि उसके दादा अपनी पत्नी की मौत के बाद पिछले 20 साल से उक्त महिला के साथ बिना किसी वैवाहिक संबंध के रह रहे थे. इसीलिए उनकी मौत के बाद परिवार की संपत्ति पर उस महिला का कोई हक नहीं हो सकता.

मामले की सुनवाई के दौरान उक्त महिला द्वारा अपने शादीशुदा होने का कोई सबूत पेश नहीं कर पाने पर भी उच्चतम न्यायालय ने उसे मृतक की पत्नी माना. कोर्ट ने कहा कि इस बात से परिवारों ने भी स्वीकार किया है कि महिला लंबे समय से परिवार के साथ रही थी इसीलिए महिला का दर्जा पत्नी का ही माना जाएगा.

फैसले की प्रति यहाँ क्लिक कर देखी जा सकती है

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2 thoughts on “लिव-इन संबंधों वाले जोड़े, शादीशुदा माने जायेंगे”

  1. एक दम सही निर्णय है। यह निर्णय नया भी नहीं है। बहुत पहले से बल्कि आजादी के पहले से इस विषय पर भारतीय न्यायालयों का ऐसा ही रुख रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उस रुख को कन्फर्म किया है।

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