मोटापे से ग्रस्त कर्मचारियों को विकलांग की श्रेणी में रखने का आदेश

obese-adaalatयूरोपीय यूनियन की एक अदालत ने ब्रिटेन की कंपनियों को उनके मोटापे से ग्रस्त कर्मचारियों को विकलांग की श्रेणी में रखने का आदेश दिया है. इसके कारण अब ब्रिटेन की कंपनियों को मोटापे से ग्रस्त अपने कर्मचारियों को बड़ी कुर्सियां, ज्यादा पार्किग जगह और अन्य सुविधाएं देनी होंगी. यूरोप की सर्वोच्च अदालत (यूरोपियन कोर्ट ऑफ जस्टिस) ने कहा कि कार्यस्थल पर समानता कानून को आगे बढ़ाने के लिए मोटापे को विकलांगता की तरह लिया जा सकता है.

अदालत ने कहा कि अगर परिस्थिति ऎसी बन जाएं कि मोटापे की वजह से किसी कर्मचारी को पेशेवर जिंदगी में अपनी योग्यता और क्षमता का पूरा उपयोग करने में कठिनाई हो, तो रोजगार स्थल पर अवसर की समानता के कानून को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपने उस कर्मचारी को विशेष सुविधाएं देने के लिए बाध्य होगी.

फैसले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अदालत के मुताबिक इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कर्मचारी का मोटापा एक बीमारी है या यह उसके बहुत ज्यादा खाने या अन्य वजहों से पैदा हुई है.

डेनमार्क में कार्सटन कालटॉफ्ट नामक एक कर्मचारी ने शिकायत की थी कि उसके रोजगारदाता ने बहुत मोटा होने की वजह से ही उसे नौकरी से निकाल दिया. कालटॉफ्ट को बच्चों की मदद के लिए रखा गया था. लेकिन वह इतना मोटा था कि बिना मदद के किसी बच्चे के जूते का फीता भी नहीं बांध सकता था.

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