नपुंसकता के आधार पर तलाक मिलेगा, लेकिन विवाह अवैध नहीं होगा

ist2_469471_disagreement_or_divorceवैवाहिक जोड़े में से एक नपुंसक मिलने पर या शादी के बाद किसी अन्य धर्म से जुड़ जाने के आधार पर विवाह को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता। तीस हजारी कोर्ट की अतिरिक्त जिला जज सुजाता कोहली ने एक व्यक्ति की दायर अर्जी को खारिज करते हुए यह बात कही। व्यक्ति ने अदालत में अर्जी दायर कर अपनी पत्नी को नपुंसक बताकर विवाह को अवैध घोषित किए जाने की मांग की थी।

दरअसल, दिल्ली निवासी एक युवक ने तीस हजारी कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी जिसमें युवक का कहना था कि उसने लखनऊ में 16 जुलाई 2011 को आर्य समाज मंदिर में एक युवती से विवाह किया था। विवाह के बाद युवती ने उससे संबंध बनाने से इंकार कर दिया। बाद में पता चला कि उसकी पत्नी नपुंसक है। यह बात उसकी पत्नी ने विवाह से पहले उससे छिपाई और शादी के बाद ईसाई धर्म भी अपना लिया।

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि अर्जी दायर करने वाले व्यक्ति ने अपनी शादी को अवैध घोषित किए जाने को लेकर जो तथ्य अदालत के समक्ष रखे हैं, उसके आधार पर उसे पत्नी से तलाक तो मिल सकता है, मगर शादी को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता है। इसलिए अर्जी दायर करने वाले व्यक्ति को सही तथ्यों के आधार अदालत के समक्ष अलग से अर्जी दायर करनी चाहिए।

VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 10.0/10 (1 vote cast)
नपुंसकता के आधार पर तलाक मिलेगा, लेकिन विवाह अवैध नहीं होगा, 10.0 out of 10 based on 1 rating
Print Friendly, PDF & Email
यहाँ आने के लिए इन मामलों की हुई तलाश:
  • napunsak se shadi
  • तलाक का आधार नपुंसकता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)