तेजाब हमलों की घटनाओं पर सरकारें गंभीरता से विचार करें

acid-attackतेजाब के हमलों की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उच्चतम न्यायालय ने 6 फरवरी को केन्द्र सरकार को सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों की बैठक बुलाकर इस समस्या पर विचार करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि इस बैठक में तेजाब के हमलों के पीडितों के उपचार और उन्हें मुआवजा देने हेतु कानून की रूप रेखा तैयार की जाए।

न्यायमूर्ति आर एम लोढा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने तेजाब की बिक्री को नियंत्रित करने और महिलाओं पर हमले के लिए इसके इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के केन्द्र के उपायों पर असंतोष व्यक्त किया। न्यायाधीशों ने केन्द्रीय गृह सचिव को तेजाब के हमलों की समस्या से निबटने के लिए मुख्य सचिवों के साथ बैठक कर नीति तैयार करने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने दिल्ली में तुगलक रोड के निकट 2006 में तेजाब के हमले से जख्मी नाबालिग लड़की लक्ष्मी की जनहित याचिका पर यह निर्देश दिया। इस हमले में लक्ष्मी का चेहरा, हाथ और शरीर के दूसरे अंग झुलस गए थे। लक्ष्मी ने इस याचिका में तेजाब के हमलों की घटनाओं से निबटने के लिए नया कानून बनाने या भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य कानून और अपराध प्रक्रिया संहिता में संशोधन का अनुरोध किया है।

याचिका में तेजाब हमले की पीडित को समुचित मुआवजा दिलाने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका के अनुसार लक्ष्मी पर तेजाब का हमला कुछ युवकों ने किया था क्योंकि उसने इनके साथी से विवाह का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इस मामले में आरोपियों पर हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा चल रहा है और दो आरोपी इस समय जमानत पर हैं।

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