स्थानीय क्रिकेट श्रृंखला पर स्कूल के 30 लाख रुपये खर्च करने के फैसले पर नाराज़गी

cricketबंबई उच्च न्यायालय ने भिवंडी निजामपुर नगर निगम के स्कूलों में 30 लाख रुपये एक क्रिकेट श्रृंखला पर खर्च करने से नाराजगी जताई है. न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति के के टाटेड की खंडपीठ, इस मामले में शरद पाटिल की ओर से दायर याचिका पर सुनवायी कर रही थी. निगम ने 26 जनवरी से शुरू हो रहे ‘महापौर चसक’ क्रि केट श्रृंखला के लिये यह राशि खर्च करने का फैसला किया है. इस श्रृंखला में 70 स्थानीय टीमें शामिल होंगी.

उधर निगम के वकील आर एस आप्टे ने अदालत को बताया कि यह श्रृंखला पिछले 10 साल से आयोजित हो रही है.

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि स्कूलों में खेलों के आयोजन के लिये आवंटित 50 लाख रुपये में से स्कूल सिर्फ 20 लाख रुपये का इस्तेमाल करेंगे. न्यायालय ने इस राशि के आवंटन को प्रथम दृष्टया असंगत बताया और कहा, ‘‘हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ है कि निगम ने 50 लाख रुपये के बजट में से 30 लाख रुपये सिर्फ एक क्रिकेट श्रृंखला पर खर्च करने का फैसला किया, जो किसी स्कूल से संबंधित नहीं है.’

अदालत की खंडपीठ ने कहा, ‘यह आश्चर्यजनक है कि निगम एक क्रिकेट श्रृंखला पर इतनी बड़ी राशि खर्च कर रहा है जबकि स्कूलों में बुनियादी ढ़ांचे का अभाव है. पहले सरकारी स्कूल अन्य निजी स्कूलों के लिये आदर्श हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी हालत देखिये.’

निगम ने अदालत को आश्वासन दिया कि भविष्य में राशि आवंटन पर फिर से विचार किया जायेगा और कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होगा. इसके बाद अदालत ने कहा कि वह इस साल की श्रृंखला में हस्तक्षेप नहीं करेगा.

हालांकि अदालत ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा ताकि यह पता चल सके कि क्या कुछ अधिकारियों को इसका जिम्मेदार ठहराया जा सकता है और राशि वापस लायी जा सकती है.

याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी बताया कि इतनी बड़ी राशि के बावजूद सभी टीमों से प्रवेश शुल्क के तौर पर 25 हजार रुपये लिये गये। मामले की अगली सुनवायी 18 फरवरी को होगी.

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