सीबीआई, पुलिस के भोंपू नहीं हैं सरकारी वकील

indian_emblemसुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सरकारी वकील तथा सहायक सरकारी वकील, पुलिस – सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियों के ‘भोंपू’ नहीं हैं, हालांकि वे अदालत में इन संस्थायों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कोर्ट ने कहा कि अपने पूर्णकालिक रोज़गार के बावजूद ये सरकारी अभियोजक वकील या अदालती अधिकारी ही माने जायेंगे। यह अलग बात है कि ये अनुशासन के मामले में अपने विभाग के नियंत्रण में रहते हैं।

जस्टिस आरएम लोढा, अनिल आर दवे तथा रंजन गोगोई की एक खंडपीठ ने 2008 में हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विसेज में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तौर पर सरकारी अभियोजकों की नियुक्ति के मामले में यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 18 मई, 2010 को पांच जिला जजों की नियुक्ति को इस आधार पर निरस्त करते हुए कहा था कि 1961 के एडवोकेट्स एक्ट तथा बार कौंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत सरकारी वकील पूर्णकालिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं अत: उन्हें एडवोकेट नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि यद्यपि सरकारी अभियोजक पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी हैं परंतु जब वे कोर्ट में किसी मामले की पैरवी के लिए पेश हो जाते हैं तो वे न्याय के हित में बने नियमों से निर्देशित होते हैं। ‘उनका कार्य हमेशा जनहित की सेवा तथा रक्षा रहता है। उन्हें अपना कर्त्तव्य पूरी निष्पक्षता तथा कानूनी प्रावधानों के तहत निभाना है। अत: यह कहना ठीक नहीं कि सरकारी अभियोजक अदालती अधिकारी नहीं हैं।’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक एडवोकेट तब एडवोकेट नहीं रहेगा जब वह पूर्णकालिक नौकरी करते हुए कोर्ट में अपने मामले की पैरवी नहीं करे।

हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित जिला जजों की पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि संविधान की धारा 233 (2) किसी सरकारी अभियोजक को जिला जज पद पर नियुक्ति से रोकने वाली नहीं है।

सुप्रीमकोर्ट का यह निर्णय असिस्टेंट एडवोकेट जनरल, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी तथा एडीशनल डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी को भी लाभ पहुंचाने वाला है।

VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 8.2/10 (5 votes cast)
सीबीआई, पुलिस के भोंपू नहीं हैं सरकारी वकील, 8.2 out of 10 based on 5 ratings
Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)