भारतीय अदालत से फरार घोषित डगलस देवानंद के प्रधानमंत्री के साथ

डगलस देवानंद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ
चेन्‍नई (तमिलनाडु) की एक सत्र अदालत से फरार घोषित व्यक्ति डगलस देवानंद जब श्रीलंका के एक मंत्री के रूप में भारत यात्रा पर आए राष्‍ट्रपति महिंदा राजपक्षे के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो कर चित्रों में प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हुए नजर आया तो चेन्नई में चर्चा का विषय बन गया। चेन्नई के एक वकील ने डगलस देवानंद की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मद्रास हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
डगलस देवानंद ने उनपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वे हर कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के लिए तैयार हैं। उनपर जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं वे सभी बेबुनियाद है, उन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है और कुछ नहीं।  देवानंद का कहना है कि अगर उन पर लगे आरोप साबित हुए तो वह कानून का सामना करने के लिए तैयार हैं। डगलस देवानंद फिलहाल श्रीलंका में पारंपरिक उद्योग व लघु कारोबार मंत्रालय के मुखिया हैं। भारतीय अदालतों में उनके खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं।  जिन में से एक में वे फरार घोषित हैं।
देवानंद श्रीलंका में ईलम पीपुल्‍स रिवॉल्‍यूशनरी फ्रंट के बैनर तले अलगावादी मुहिम चलाया करते थे। बात नवंबर 1986 में उन पर और उनके नौ साथियों पर सेंट्रल चेन्‍नई के चूलाईमेडु में स्‍थानीय लोगों पर स्‍वचालित हथियारों से गोलीबारी करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया था। गोलीबारी में पांच लोग घायल हुए थे। इनमें से एक की बाद में मौत हो गई थी।
श्रीलंका में अलगाववादी आंदोलन चलाने वाले तमाम संगठनों के नेता 1980 के दशक में चेन्‍नई (तब मद्रास) में खुले आम घूमा करते थे। चूलाईमेडु कांड में सभी आरोपियों पर हत्‍या, हत्‍या का प्रयास, बलवा और गैरकानूनी ढंग से भीड़ जुटाने के आरोप लगाए गए। तब देवानंद ने अदालत में हाजिर होकर जमानत ले ली थी। पर 1994 में वह भूमिगत हो गए। तब अदालत ने देवानंद को भगोड़ा करार दिया। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत अदालत से भगोड़ा करार दिए गए किसी शख्‍स को सात साल तक कैद की सजा हो सकती है। इस श्रीलंकाई मंत्री के खिलाफ फिरौती के लिए एक लड़के को अगवा करने का मामला भी भारतीय अदालत में लंबित है। 1990 में हिंसा करने और एक व्‍यक्ति को डराने-धमकाने के आरोप में भी देवानंद के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
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5 thoughts on “भारतीय अदालत से फरार घोषित डगलस देवानंद के प्रधानमंत्री के साथ”

  1. यही भारत की न्याय व्यवस्था है….

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  2. धन्य है हम तो ! वैसे ये दल्कुलक्स भी हमारे देश के किसी मंत्री जैसा ही लग रहा है 🙂

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  3. आईये सुनें … अमृत वाणी ।

    आचार्य जी

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  4. जी हमारी गवाही दर्ज कि जाए….

    अरे ये तो फिर भी मेहमान बन कर आया है….

    कितने ही घर में ही घूम रहे है खुलेआम…

    इसी सरकार "हाथ" थाम…

    अब इसने भी इनसे मिलाया हाथ…

    तो किया क्या गलत काम…

    कुंवर जी,

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  5. लेकिन ऐसे लोगों को तो "पद्म पुरस्कार" देने की परम्परा रही है हमारे यहाँ…। दाऊद इब्राहीम को भी खामखा बदनाम किया गया है और फ़ँसाया जा रहा है, भारत की न्याय व्यवस्था में तो उसे भी पूरा विश्वास है…। हमारी न्याय व्यवस्था है ही इतनी महान कि एण्डरसन, अफ़ज़ल, कसाब, तेलगी, सलेम सभी का प्यार उमड़-उमड़ आता है…। डगलस देवानन्द तो अभी बच्चा है जी…

    फ़िर उसे कैसे गिरफ़्तार कर सकते हैं आप? 🙂 🙂

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