पुलिस ऑनर किलिंग के मामलों में भागीदार है -दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट के अवकाश न्यायाधीश शिव नारायण ढींगरा ने ऑनर किलिंग के मामले में कहा कि लड़की और लड़की के प्रेम संबंधों के मामले में लड़की के माँ-बाप के साथ मिलकर पुलिस रेप का केस बनाती है। पैरंट्स के साथ मिलकर लड़के को रेप के मामले में जेल भेजा जाता है और माँ-बाप को इस बात की छूट देते हो कि वह अपनी लड़की को मार डालें। देखा जाए तो पुलिस ऐसे मामलों में ऑनर किलिंग का हिस्सा है। अदालत ने कहा कि पुलिस इतनी संवेदनहीन कैसे हो सकती है। लड़की अगर लड़के (प्रेमी) के साथ चली जाए तो पुलिस रेप का केस दर्ज कर रही है, लेकिन जहां वाकई रेप का केस दर्ज होना चाहिए, उसमें पीछे है।
जस्टिस ढींगरा ने अपने आदेश में पुलिस की छानबीन के तरीके पर सवाल उठाया और कहा कि पुलिस ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से मामले की छानबीन की है। लड़की गर्भवती है। बावजूद इसके, पुलिस ने उसकी उम्र संबंधी कोई जांच नहीं की। अदालत ने कहा कि लड़की की उम्र संबंधी रिपोर्ट से साफ है कि वह 17 साल से कम की नहीं है। कानून में यह साफ है कि इस तरह की रिपोर्ट में आई उम्र में दो साल का अंतर हो सकता है। लड़की ने खुद कहा है कि वह बालिग है और उसकी इस दलील में दम लगता है। अदालत ने निर्देश दिया कि जेल में बंद आरोपी को 18 जून को कोर्ट में पेश किया जाए। साथ ही जांच अधिकारी को कहा गया कि वह लड़की को भी 18 जून को अदालत के सामने पेश करें।
इस मामले में 23 मार्च, 2010 को लड़के के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण से कहा गया कि वह लड़की से मिलकर अपनी रिपोर्ट पेश करे। प्राधिकरण की वकील किरण सिंह ने लड़की से उसके उत्तम नगर घर जाकर मुलाकात की और अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट के सामने पेश की। जिस में बताया गया कि लड़की का आरोपी से अफेयर था। जब वह अपने माँ-बाप  के साथ रह रही थी। पुलिस ने उत्तम नगर में रहने वाली लड़की के माँ-बाप की शिकायत पर उसके प्रेमी के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जेल भेज दिया है जबकि लड़की गर्भवती है, बालिग लगती है और लड़के से शादी करना चाहती है। प्राधिकरण की वकील का कहना था कि जब वह लड़की से मिलने गईं तो लड़की अपने घर में अकेली थी और गरीबी की हालत में थी। उस ने बताया कि एफआईआर और लड़के के जेल में जाने के बाद से ही लड़के के माँ-बाप उसे अकेले छोड़कर चले गए। लड़की ने बताया कि वह गर्भवती है और डेढ़ महीने का बच्चा भी है। लेकिन माँ-बाप को नहीं बताया क्योंकि उसे डर था कि वे उसे मार डालेंगे। लड़की 18/19 साल की लगती है और लड़के (आरोपी) से प्यार करती थी और शादी करना चाहती है शादी नहीं होने की स्थिति में वह आत्महत्या की बात कह रही है। साथ ही वह अपने बच्चे को पैदा करना चाहती है। वह उसके होने वाले बच्चे और खुद को माँ-बाप से जान से खतरा होने की बात कहती है। इस रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में लड़की और लड़का दोनों को पेश करने का निर्देश दिया है।
इस पर हाई कोर्ट ने कड़ी मौखिक टिप्पणियां कीं कि अगर लड़की अपने प्रेमी के साथ चली जाए तो पुलिस रेप का केस बना देती है। जस्टिस शिव नारायण ढींगरा ने कहा कि देखा जाए तो पुलिस अपनी हरकतों से ऑनर किलिंग के लिए खुद जिम्मेदार है।
जस्टिस ढींगरा ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कारगुजारियों पर मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आपके बॉस का कुत्ता गायब होने पर आप पूरे शहर को छान मारते हैं लेकिन आम लोगों को प्रोटेक्शन नहीं दे सकते। ज्ञातव्य है कि 30 मार्च, 2008 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का एक कुत्ता गायब हो गया था। 12 साल के इस कुत्ते को ढूंढने के लिए दिल्ली पुलिस ने दिन रात एक करके पूरा शहर छान मारा था।

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