सुप्रीम कोर्ट द्वारा चेक बाउंस होने के मामलों के निपटारे हेतु दिशानिर्देश जारी: मूल राशि का 20% तक अधिक देना होगा

चेक बाउंस मामलों में विलंब करना अब गलती करने वाले को ज्यादा महंगा पड़ेगा। अनादरित हुआ चेक जारी करने वाले को अब चेक की राशि का 20 फीसदी तक ज्यादा जुर्माने का भुगतान करना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले का फैसला करते हुए यह दूरगामी व्यवस्था दी है।

मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन, न्यायाधीश पी. सदाशिवम और न्यायाधीश जे.एम. पांचाल की खंडपीठ ने 3 मई को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत के तहत चेक बाउंस होने के मामलों के जल्द निपटारे के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक सुनवाई अदालत में फैसले के बाद चेकराशि न देने पर चूक करने वाले को मामले जिला अदालत पहुंचने पर विवादित राशि का 10 फीसदी, हाईकोर्ट पहुंचने 15 फीसदी और शीर्ष अदालत तक केस जाने पर 20 फीसदी ज्यादा जुर्माना भुगतना होगा।

चेक अनादरित होने के 30 लाख मामलों से परेशाम सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में एटॉर्नी जनरल जी.ई. वाहनवती की सारी सिफारिश स्वीकार कर लीं।

खंडपीठ के लिए फैसला लिखते हुए बालकृष्णन ने संकेत दिया कि बाउंस हुए चेक की राशि का सुनवाई अदालत के सामने ही भुगतान करने वाले चूककर्ता को केवल लागू ब्याज दरों के साथ मूल राशि का ही भुगतान करना होगा। लेकिन यदि शिकायतकर्ता को जिला अदालत जाने पड़े तो जेल जाने से बचने के लिए उसे चेक राशि से 10 फीसदी ज्यादा भुगतान करना होगा। इसका मतलब यह है कि एक लाख रूपए का चेक बाउंस होने पर चूककर्ता को जिला अदालत में मामला जाने की दशा में 10 हजार रूपए ज्यादा चुकाने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इकट्ठा की गई राशि कानूनी मदद देने वाली एजेंसियों को भेजी जाएगी।

आगे अदालत ने टिप्पणी की कि 1989 में चेक बाउंस होने को दण्डनीय अपराध बनाने और 2002 में इन मामलों के जल्द निपटारे के लिए कानून में संशोधन कर जल्द सुनवाई के प्रावधान किए जाने के बाद से इन मामलों की मानो बाढ़ ही आ गई है।

अब क्या होगा?

  • 20 फीसदी ज्यादा भरना होगा
  • सुनवाई अदालत में भुगतान पर सिर्फ ब्याज
  • जिला अदालत में 10 फीसदी ज्यादा
  • हाईकोर्ट जाने पर 15 फीसदी ज्यादा
  • सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर 20 फीसदी अघिक जुर्माना
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3 thoughts on “सुप्रीम कोर्ट द्वारा चेक बाउंस होने के मामलों के निपटारे हेतु दिशानिर्देश जारी: मूल राशि का 20% तक अधिक देना होगा”

  1. मेने व्यवसाय मे भरोसा कर के 5 लाख रुपेय दिया ओर उसके बदले मे 5 लाख का चेक लेलीया चेक बेक मे बउस हो गया हे मेने उसके घर पे नोटिस भेजा उसने अपना पता चेज कर दिया अब ये केस कोट मे 4 साल से तारिख पे तारिख चल रहा हे मे उससे मिलता हु उसका नम्बर भी हे फिर भी कुछ नही कर पा रहा हु आप के पास कोइ रास्ता हो तो बताये
    मेरा मोबाइल नम्बर 9827671357

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    1. आपका वकील अच्छा होना चाहिए, अच्छा मतलब जानकार हो और तेज तर्रार हो तो कोई मुश्किल बात नहीं, इतनी चतुराई तो आपको दिखानी ही पड़ेगी की आपका वकील चतुर और चालाक हो, या तो फिर ये सारे गुण आपके ही अन्दर हों परन्तु मुझे तो ऐसा भी नहीं दीखता, बाकि एक बात तो सीख ही लीजिये की अपना रास्ता तो खुद ही बनाना होता है…

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  2. भाई जी आजकल पैसे फ़साना मतलब अपने पैर पर कुल्हाड़ी मरना है, कोर्ट केस का मतलब तो आप समझ ही गए होंगे… तारीख पे तारीख .. भैया दो ही रास्ते हैं या तो जिसकी लाठी उसकी भैस या फिर कोर्ट केस बस और कोई रास्ता नहीं… मेरे हिसाब से तो ये दो रास्ते हैं बाकि पता नहीं ….

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