काजी की अदालत के जरिए तलाक व भरण-पोषण मामले पर की सुनवाई और फैसले देने पर रोक लगाई हाई कोर्ट ने

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में भोपाल की मस्जिद कमेटी की ओर से काजी की अदालत के जरिए तलाक व भरण-पोषण मामले पर की जा रही सुनवाई और फैसले देने पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश एस. रफत आलम एवं न्यायाधीश केके लाहोटी की खंडपीठ ने मस्जिद कमेटी और कजियात कमेटी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह याचिका जहीर कोठी की ओर से दायर की गई। याचिका में बताया गया कि मस्जिद कमेटी का गठन सरकार द्वारा किया जाता है।

भोपाल की सभी मस्जिदें इस समिति के अंतर्गत आती हैं। समिति के नियम 15 के तहत काजी को अदालतें लगाने के अधिकार प्राप्त थे, जिसे राज्य शासन ने खत्म कर दिया। सरकार की अनुमति के बिना नियम में संशोधन भी नहीं किया जा सकता। याचिका में आरोप है कि समिति ने एक प्रस्ताव पारित कर उक्त नियम को विलोपित कर दिया। इसके साथ ही नियम विरूद्घ काजी नियुक्त कर तलाक, भरण-पोषण आदि के मामले में फैसले दिए जा रहे हैं।

यह भी आरोपित है कि इन मामलों में महिला को बताया भी नहीं जाता और मैहर का पैसा भी नहीं दिया जाता। सुनवाई के बाद न्यायालय ने काजी द्वारा दिए जाने वाले फैसलों पर रोक लगा दी है और प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है।
VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 0.0/10 (0 votes cast)
Print Friendly, PDF & Email

One thought on “काजी की अदालत के जरिए तलाक व भरण-पोषण मामले पर की सुनवाई और फैसले देने पर रोक लगाई हाई कोर्ट ने”

  1. यह एक प्रजातांत्रिक देश है और उस के पास न्यायालय हैं। संविधान के अंतर्गत स्थापित न्यायालयों के अतिरिक्त किसी को भी अदालत लगाने का अधिकार नहीं है। इस तरह की अदालतें लगती हैं और उन के फैसलों का पर्वर्तन होता है तो समझा जाना चाहिए कि यह भारत की संप्रभुता के लिए चुनौती है।

    VA:F [1.9.22_1171]
    Rating: 0 (from 0 votes)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)