आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि का मुद्दा सर्वोच्च अदालत में पहुँचा

देश में आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृदि्ध का मुद्दा देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंच गया है। गृहणियों के संगठन हाऊसमेकर्स फ्रंट ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। इसमें केंद्र सरकार को कांडला पोर्ट में प़डी आयातित चीनी के प्रसंस्करण और वितरण के लिए चीनी मिलों तक पहुंचाने की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश देने की मांग की है।

फ्रंट की अध्यक्ष रितु पुरी के जरिए दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण की राजनीतिक और प्रशासकीय इच्छा शक्ति का अभाव है। एडवोकेट ऑन रिकार्ड डीके गर्ग के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि चीनी की कीमत 50 रूपए किलो तक पहुंच गई है जबकि दालों, सब्जियों, खाद्यान्नों एवं अन्य आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
याचिका में कीमतों में बढ़ोतरी के लिए ऑनलाइन एवं वायदा कारोबार को भी जिम्मेदार ठहराया है।
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One thought on “आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि का मुद्दा सर्वोच्च अदालत में पहुँचा”

  1. सरकार और मंत्री असम्वेदन हीनता का परिचय देते हुए महंगाई को रोकने मैं असमर्थता जताते हुए खुद को और सरकार को असहाय बता रहे हैं । तो ऐसा कुछ तो करना ही होगा । एक अच्छा कदम है ।

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