लागत वसूली के बाद टोल टैक्स नहीं ले सकते; नेशनल हाईवे अधिनियम 1997 का नियम अवैध -हाई कोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी है कि लागत वसूल होने के बाद किसी भी पुल पर टोल टैक्स नहीं वसूला जा सकता। जस्टिस आरएस गर्ग और जस्टिस पंकज जायसवाल की युगल पीठ ने एक मामले में यह फैसला देते हुए नेशनल हाईवे अधिनियम 1997 के नियम 11 को भी अवैध बताया है। पांच स्थानों पर लागत और ब्याज की वसूली होने के बाद भी टोल टैक्स वसूली जारी है।ये पांच स्थान हैं- हिरन नदी एनएच-12 (जबलपुर), शिप्रा (इंदौर), मोहना डिक्री (ग्वालियर), तिलवाराघाट एनएच-7 (जबलपुर), कीलूखेड़ी (भोपाल – नरसिंहगढ़ के बीच)। मध्य प्रदेश सरकार ने भी केंद्र से आग्रह किया है कि इस तरह की वसूली पर रोक लगाई जाए।

ट्रक ओनर्स एसोसिएशन व सरदूल सिंह की ओर से दायर इस जनहित याचिका में प्रदेश भर के पुलों की लागत निकलने के बाद भी अनंतकाल तक की जा रही टोल टैक्स की वसूली को चुनौती दी गई थी। याचिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदसौर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन विरुद्ध मध्य प्रदेश सरकार के मामले में दिए गए फैसले को आधार बनाया गया था।

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