पाकिस्तान में मुंबई हमले के आरोपियों की सुनवाई कर रहे जज को बदला

पाकिस्तान में मुंबई हमले के 7 प्रमुख आरोपियों  के खिलाफ चल रहे मुकदमे की सुनवाई के लिए शनिवार को  आतंकवाद निरोधी अदालत के न्यायाधीश मलिक मोहम्मद अकरम आवां  की नियुक्ति पूर्व जज  बाकिर अली राणा की जगह की गई है।  जिन्होंने सुरक्षा कारणों से खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था।
राणा रावलपिंडी के कड़ी सुरक्षा वाले अदियाला जेल में 7 संदिग्धों के खिलाफ बंद कमरे में मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे।  उसमें लश्कर-ए-तय्यबा के संचालक जकीउर्रहमान लखवी और जरार शाह शामिल हैं। ऐसा बताया जाता है कि राणा ने सुरक्षा कारणों से उन्हें इस मामले से मुक्त करने का अनुरोध किया था जिसके मद्देनजर मुख्य न्यायाधीश ने यह आदेश जारी किया। ऐसी खबरें हैं कि राणा को लश्कर से धमकियां मिलीं क्योंकि 10 अक्‍टूबर को सुनवाई के दौरान संदिग्धों पर उनके वकील की अनुपस्थिति में आरोप लगाए गए थे।

ऐसी भी जानकारी है कि  सरकार की ओर से दबाव के कारण भी राणा पर नाखुश थे।  अब नए न्यायाधीश 31 अक्‍टूबर से मामले की सुनवाई शुरू करेंगे।  आरोपियों का प्रतिनिधित्व कर रहे चार वकीलों ने राणा पर उनके मुवक्किल के प्रति पूर्वाग्रह रखने का आरोप लगाया।  बचाव पक्ष के वकीलों ने लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करके संदिग्धों आरोप लगाए जाने को चुनौती दी और मामले को किसी और न्यायाधीश के पास स्थानांतरित करने का अनुरोध किया।  इस याचिका पर 26 अक्‍टूबर को सुनवाई होनी है। हालांकि, अब इस याचिका पर सुनवाई का कोई अर्थ नहीं रह गया है।  क्योंकि मामला नये न्यायाधीश को सौंप दिया गया है।  और याचिका निरर्थक हो गई है। बचाव पक्ष के चार वकीलों में से एक ख्वाजा सुल्तान ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि लाहौर उच्च न्यायालय इस मामले पर सुनवाई करेगा क्योंकि इसमें संदिग्धों पर आरोप लगाने और मामले में आंतरिक मंत्रालय के कथित हस्तक्षेप को भी चुनौती दी गई है।

7 आरोपियों में  लखवी, शाह, अबु अल कामा, हमाद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज और यूनुस अंजुम के खिलाफ आतंकवाद निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।  उनपर पिछले साल मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में शामिल 10 आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने, वित्तीय मदद मुहैया कराने, ठहरने का ठिकाना और संचार उपकरण आदि मुहैया कराने का आरोप है।  बचाव पक्ष के वकीलों ने मुकदमे की सुनवाई का भी बहिष्कार किया क्योंकि संदिग्धों पर उनकी अनुपस्थिति में  आरोपित किया गया।  वकीलों ने बंद कमरे में चल रही सुनवाई का भी विरोध किया।  मुकदमे की सुनवाई अदियाला जेल में सुरक्षा कारणों से हो रही है और मीडिया के इसका कवरेज करने पर पाबंदी लगा दी गई है।
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2 thoughts on “पाकिस्तान में मुंबई हमले के आरोपियों की सुनवाई कर रहे जज को बदला”

  1. द्विवेदी सर,

    मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का मुकदमा लड़ने वाले वकील ए के डोगर भारत निजी यात्रा पर भारत आना चाहते हैं…पैतृक नगर होशियारपुर भी जाना चाहते हैं..लेकिन डोगर साहब के मन में डर है कि उन्हें भारत में किसी अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़ जाए…

    जय हिंद…

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