दिल्ली से बाहर के चेक बाऊँस मामले, संबंधित प्रादेशिक अदालतों में भेजे जाने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े राजधानी से बाहर के मामले संबंधित राज्यों की अदालतों में वापस भेजने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट का कहना है कि ये मामले राजधानी के न्यायाधिकार में नहीं आते इसलिए उन्हें वापस भेजना बेहतर है। चीफ जस्टिस एपी शाह व जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में चेक बाउंस से जुड़े बाहरी मामलों का अंबार लगता जा रहा है। ऐसे में यहां के मूल मामलों की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। इसके मद्देनजर अन्य राज्यों के मामले उन्हीं अदालतों में भेजे जाने चाहिए, जिनके न्यायाधिकार में वे आते हैं। बेंच ने कहा कि दिल्ली में मुख्यालय होने के कारण बैंक या अन्य संस्थान अपनी सुविधा के मद्देनजर चेक बाउंस जैसे मामले यहां ले आते हैं। उन्हें ऐसा क्यों करने दिया जाए?

दिल्ली हाईकोर्ट सप्ताह की शुरुआत में एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी। इसमें कहा गया था कि केरल जैसे राज्यों के चेक बाउंस के मामले दिल्ली सिर्फ इसलिए लाए जाते हैं ताकि बैंक याचिकाकर्ताओं पर दबाव बना सकें। हाईकोर्ट ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज (DHCLSA) की राय भी मांगी है। गौरतलब है कि दिल्ली की निचली अदालतों में चेक बाउंस से जुड़े करीब 500000 मामले विचाराधीन हैं, जिनमें ज्यादातर दिल्ली से बाहर के हैं।
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