इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज अपनी संपत्ति नहीं बताएंगे

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जजों द्वारा अपनी संपत्ति सार्वजनिक न करने के फैसले पर भारत के पूर्व चीफ जस्टिस वी. एन. खरे ने नाराजगी जताई है। खरे ने इलाहाबाद हाई कोर्ट प्रशासन के इस फैसले पर कहा कि जितना आप छिपाएंगे, उतने आप संदिग्ध होते जाएंगे। जितने आगे आप जाएंगे, उतने आप पारदर्शी बनेंगे। मैं यह समझने में असमर्थ हूं कि ऐसा फैसला क्यों किया गया।

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की 12 सितंबर को सम्पूर्ण कोर्ट मीटिंग हुई थी। वहां उन्हें सिर्फ चीफ जस्टिस के सामने अपनी संपत्ति का खुलासा करना था। इसी बैठक के बाद जजों की संपत्ति सार्वजनिक ना करने का फैसला लेने की खबर सामने आई। इलाहाबाद हाई कोर्ट को छोड़ दें तो कई अन्य प्रदेशों के हाई कोटों के जजों ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि जिस बैठक में यह फैसला होने की खबर आई, उसके विवरण को भी सार्वजनिक नहीं किया गया।

जस्टिस खरे ने अपना करियर इलाहाबाद हाई कोर्ट से ही बतौर एडवोकेट शुरू किया था। बाद में वहीं वे जज बने थे। खरे ने हाई कोर्ट जजों के ताजा फैसले पर प्रतिक्रिया में जजों द्वारा सिर्फ चीफ जस्टिस के सामने संपत्ति का खुलासा करने के औचित्य पर भी सवाल उठाया।

VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 0.0/10 (0 votes cast)
Print Friendly, PDF & Email

One thought on “इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज अपनी संपत्ति नहीं बताएंगे”

  1. कैसे खुलासा करें…सबने एक एक हाथी बनवा कर नहीं दिया बहन जी को…बताईये भला…फ़िर काहे को बतायें…वैसे भी क्या करें..किसी तरह दो रोटी कमा खा रहे हैं..

    VA:F [1.9.22_1171]
    Rating: 0 (from 0 votes)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)