जसवंत सिंह की पुस्तक पर प्रतिबंध के मामले में गुजरात सरकार को नोटिस

जसवंत सिंह द्वारा लिखी गई किताब ‘जिन्ना-इंडिया, पार्टीशन इंडिपेंडेंस’ पर गुजरात में लगाए गए प्रतिबंध के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ नोटिस जारी कर दी है। नोटिस में पूछा गया है कि आखिर किस आधार पर जसवंत की किताब पर प्रतिबंध लगाया गया है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायमूर्ति अलतमस कबीर और न्‍यायमूर्ति साइरियाक जोसफ की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को रखी है। इससे पहले गुजरात सरकार को अपना जवाब कोर्ट में पेश करना होगा।

जसवंत सिंह की किताब पर गुजरात में प्रतिबंध लगाने पर जसवंत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। जिस पर 1 सितंबर को सुनवाई हुई। असल में प्रतिबंध लगाते समय मोदी सरकार ने किताब में लौह पुरूष सरदार पटेल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी का प्रश्‍न उठाया था। गुजरात सरकार के मुताबिक जसवंत की किताब में विभाजन के समय सरदार पटेल की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं जो उनकी छवि पर बुरा असर डालता है तथा इस पुस्तक से राज्य में शांति को खतरा है और ये पुस्तक राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं।

जसवंत सिंह की तरफ से वरिष्ठ वकील फली एस. नरीमन और सोली सोराबजी न्यायालय में पेश हुये। इन लोगों ने न्यायालय में कहा पुस्तक पर प्रतिबंध लगाना लेखक और प्रकाशक के मूल अधिकारों का उल्लंघन है।

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2 thoughts on “जसवंत सिंह की पुस्तक पर प्रतिबंध के मामले में गुजरात सरकार को नोटिस”

  1. किताब पढ़ें तो बताएँ कि वह प्रतिबंध के योग्य है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट कुछ ही दिनों में बता ही देगा।

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  2. बिना साक्ष्यों के ऐसा प्रतिबन्ध उचित नहीं । ठीक है।

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