गूगल ने दिया उपहार, ‘अदालत’ ब्लॉग ने बनाया इतिहास

जून महीने की 30 तारीख को जब अदालत की 2000 पोस्ट होने वाली सूचनात्मक पोस्ट आई थी तो यह सोचा गया था कि कुछ विश्राम ले कर, टेम्पलेट बदल कर, नये विचारों के साथ, नई रूपरेखा के साथ अदालत को पुन: शुरू किया जायेगा।

लेकिन आलस्य ने ऐसा डेरा डाला कि आज ढ़ाई महीने बीत रहे, अदालत अपनी पुरानी गति नहीं पकड़ पाया है। बीते ढाई माह में इस का ट्रैफिक भी घटने की बजाये बढ़ता ही चले जा रहा है, जबकि पोस्ट भूले भटके ही लिखी जाती हैं।

ब्लॉगवाणी जैसे एग्रीगेटर पर जितना ट्रैफिक एक दिन में दिखता है, उससे 10 गुणा अधिक ट्रैफिक तो सर्च इंजिनों से आ जाता है! यदा-कदा दिखने वाले गूगल विज्ञापनों से कमाई तो हो ही रही है। पिछले दिनों जब गूगल की एक मेल आयी तो चौकन्ना होना पड़ा।

दरअसल गूगल ने अदालत को एक सफल प्रकाशक बताते हुए अनुरोध किया था कि इस का प्रचार, गूगल के सर्च परिणामों सहित उनके अन्य प्लेटफॉर्म पर ऑनलाईन भी किया जाये। यह काम गूगल सशुल्क करता है। इसलिये पहले कभी इस बात को गंभीरता से लिया नहीं गया था।

इस बार गूगल ने अपने अनुरोध के साथ एक प्रस्ताव भी दिया कि यदि अदालत का प्रचार गूगल के प्लेटफॉर्म पर किया जाये तो वह खुद इसके लिये आगे आ कर भुगतान करने को राजी है और इसके लिये 1500 रूपये स्वयं अपनी ओर से देगा। नि:संदेह एक विशुद्ध व्यवसायिक नज़रिया था यह, लेकिन इस मौके को छोड़ना मैंने मुनासिब नहीं समझा।
चुंकि अदालत का तकनीकी प्रबंधन बी एस पाबला जी के सुपुत्र गुरूप्रीत की कम्पनी Webolutions संभालती है, सो उनकी मदद से गूगल के प्रस्ताव को लपक लिया गया। आधे घंटे की प्रक्रिया के बाद यह अदालत, गूगल के साथ मिल कर विज्ञापन की दुनिया में आ गया।
अब तक की मेरी जानकारी के मुताबिक, संभवत: हिंदी ब्लॉग जगत में अदालत, पहला व इकलौता ब्लॉग होगा जो अपने विज्ञापनों के जरिये स्वयं का प्रचार-प्रसार गूगल पर कर रहा होगा। इसकी शुरूआत होगी 21 सितम्बर से।
बी एस पाबला जी से आग्रह किया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी वे अपने ब्लॉग इंटरनेट से आमदनी पर दें। देखें वे क्या करते हैं।
इस इतिहास के बनने के पीछे आप सभी जाने-अनजाने साथियों, पाठकों, स्नेहियों, शुभेच्छुयों का दिल से धन्यवाद।
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17 thoughts on “गूगल ने दिया उपहार, ‘अदालत’ ब्लॉग ने बनाया इतिहास”

  1. नहीं नहीं ऐसे नहीं चलेगा …बिल्कुल भी नहीं…हमें तो गुराप्रीत से ….पाल्टी चाहिये…जी ..बिल्कुल अभी के अभी…और हां इस बात की खब्रर पाब्ला जी तक न पहुंचे…सारा खुद ही हज़म कर जायेंगे…वाह अब धमक सुनायी देगी न हिंदी ब्लोग्गिंग की…इसे कहते हैं..सफ़लता..बधाई हो जी बधाई हो…पाल्टी का ध्यान रखा जाये….

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  2. निश्चय ही यह महत्वपूर्ण है । बधाई हो आपको ।

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  3. यह तो अदालत ब्लाग का पुनर्जन्म है। लोकेश जी को बहुत बहुत बधाई। पाबला जी को इस तारीख को जन्म दिन वाले ब्लाग पर स्थान दें। हिन्दी ब्लागिंग के लिए यह दिन मील का पत्थर साबित होगा। हो सकता है इसी से हिन्दी ब्लागों के लिए विज्ञापनों का मार्ग प्रशस्त हो जाए।

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  4. यह ईमेल हमारे पास भी आया था पर हम इसे उपयोग में नहीं ला सके अगर विस्तार से बतायेंगे तो शायद हम आगे उपयोग कर पायेंगे।

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  5. इस उपलब्धी के लिए आपको बहुत बहुत बधाई!!!!

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  6. इसमे कुछ खास बात नही लगती क्योकि गुगल एड्वर्डस अपने भारत के लगभग सभी (Adsense / Indian e-mail Accounts/ Bloggers using Adsense) उप्भोक्ताओं से ऐसा आग्रह कर रहा है, मेरे भी दो भारतीय खातो पर कई बार ये ई-मेल आ चुका है कि १५०० रू. की मुफ़्त विज्ञापन सेवा का लाभ लें।

    वैसे ऑफर अच्छा है, अवसर का लाभ अवश्य उठायें।

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  7. बधाई इस उपलब्धि के लिए.. मेरे पास भी एक ऐसा ऑफर गूगल एडवर्ड्स की ओर से आया था, लेकिन मेरी सोच यह थी कि जब हिन्दी भाषा के लिए एडसेंस का सपोर्ट नहीं तो एडवर्ड्स का क्यों स्वीकार किया जाए? आपके ब्लॉग के विस्तार की शुभकामनाएं.. हैपी ब्लॉगिंग

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  8. बहुत अच्छा लगा पढ़कर, आपकी निरंतर मेहनत अब रंग लाने लगी है ।
    इस उपलब्धी के लिए आपको तहेदिल से बहुत बहुत बधाई !!

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  9. हिन्दी बलॉग्स के लिए ये अच्छी ख़बर है। इस अंतरजाल के बारे में ऐसी जानकारियाँ पाकर लगता है कि कुछ सीख लिया नहीं तो हम तो बस लिखते ही जाते हैं।

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