न्‍यायालयों के खाली पड़े न्‍यायधीशों के स्‍थानों की पूर्ति की जाए: प्रधानमंत्री

भारत में काफी समय से विभिन्‍न न्‍यायालयों में भारी संख्‍या में खाली पड़े स्‍थानों के मद्देनजर प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने चिंता व्‍यक्‍त की है। उन्‍होंने 16 अगस्त को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से आग्रह किया कि वे इन रिक्त पदों को जल्दी से जल्दी भरने के लिए कार्रवाई शुरू करें। प्रधानमंत्री ने दिल्ली में मुख्यमंत्रियों और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न हाईकोर्ट में मौजूदा रिक्त पदों की संख्या काफी अधिक है और इनको भरने की आवश्यकता है, मैं हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से आग्रह करता हूं कि वे इन रिक्त पदों को जल्दी से जल्दी भरने के लिए कार्रवाई शुरू करें।

उन्होंने कहा कि निचली अदालतों में रिक्त पड़े पदों की संख्या उन अदालतों के कुल न्यायिक पदों का 20 से 25 प्रतिशत तक हैं। भर्ती में विलंब के कारण देश में अभी न्यायाधीशों के करीब 3000 पद रिक्त पडे़ हैं। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ अदालतों के सभी रिक्त पदों पर बिना समय गंवाए नियुक्ति की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि ग्राम न्यायालय कानून इस वर्ष की शुरूआत में ही बन चुका है, लेकिन इसे अभी लागू किया जाना बाकी है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे अपने अपने यहां ग्राम न्यायालय अधिनियम को शीघ्र कार्यावित करें। यदि एक बार यह अधिनियम लागू हो जाएगा तो हम तत्काल 5000 अदालत पंचायत स्तर पर शुरू कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन की सलाह पर केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की 71 अतिरिक्त अदालतों की स्थापना करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि त्वरित अदालतों को सामान्य अदालतों के मुकाबले मामलों की सुनवाई तेजी से करनी चाहिए।

श्री सिंह ने कहा कि देश की जेलों में वर्तमान समय में बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदियों का बंद रहना चिंता का विषय है। ये कैदी उनकी सजा की अवधि से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट भी इस संबंध में निर्देश दे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी हमारे जेलों में विचाराधीन कैदियों की संख्या बहुत अधिक है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन में इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

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2 thoughts on “न्‍यायालयों के खाली पड़े न्‍यायधीशों के स्‍थानों की पूर्ति की जाए: प्रधानमंत्री”

  1. समाचार को इतने अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने के लिए बधाई!
    अदालत नए टेम्पलेट में क्यूट लग रही है। काशः हमारी अदालतें भी इतनी ही क्यूट होतीं!

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  2. प्रधानमंत्री जी के व्यक्तव्यों से तो लग रहा है जैसे सर्वोच्च न्यायालय ही खाली पड़े पदो के लिए अकेली जिम्मेवार हो। यदि ऐसा है तो यह स्वयं सर्वोच्च न्यायालय के लिए खेदजनक बात है!

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