इतिहास, पुलिस को कभी माफ नहीं करेगा: अदालत

1984 दंगे के मामले में दोषियों को सजा सुनाते हुए अदालत ने पुलिस के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में जिस तरह अपना रवैया दिखाया है, उसके बाद इतिहास उसे कभी माफ नहीं करेगा। अडिशनल सेशन जज एस. एस. राठी ने अपने फैसले में कहा कि यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि चंद लोगों की वजह से पूरे समुदाय विशेष को निशाना बनाया गया। इस समुदाय के लोगों ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में जो योगदान दिया है उसे कैसे भुलाया जा सकता है। क्या शहीद-ए- आजम भगत सिंह के सर्वोच्च बलिदान के बिना आजादी के बारे में सोचा जा सकता था?

जज ने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि समाज में सहन शक्ति की कमी आ रही है और इस स्थिति का विस्फोटक रूप 84 दंगे में दिखा। परेशान करने वाली बात यह है कि दोषियों ने अपने पड़ोसी को लूटा। उनके घर में आगजनी की और जानलेवा हमला भी किया। अदालत ने कहा कि इतिहास पुलिस को कभी माफ नहीं करेगा। पुलिस का दायित्व असहाय लोगों की रक्षा करना था, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही। 84 दंगे में पुलिस कमिर्यों का रवैया सही नहीं था। अभिलेख देखने से साफ है कि पुलिस कहीं न कहीं राजनीतिक हस्तक्षेप की शिकार थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली पुलिस को जब खुद को साबित करने का मौका मिला तो वह असफल हो गई। अदालत ने कहा कि गैर-पेशेवर और नाकाबिल पुलिसवालों को हमेशा सत्ताधारी पार्टी के कुछ लोग इस्तेमाल कर लेते हैं। हमारी पुलिस को दुरुस्त करने की जरूरत है। इस तरह की घटना हमारी बहुआयामी संस्कृति पर चोट पहुंचाती है। देखा जाए तो 84 दंगे ने एक सबक सिखाया, लेकिन इसके बाद भी बाबरी मस्जिद और गुजरात कांड जैसी घटनाएं हुई हैं। इन मामलों में भी स्थानीय पुलिस व तत्कालीन सरकार की खासी आलोचना हुई है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को आगे बढ़कर हाथ मिलाना चाहिए, लेकिन कुछ राजनैतिक नेता अपने मकसद को पूरा करने के लिए ऐसा नहीं होने देते।

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2 thoughts on “इतिहास, पुलिस को कभी माफ नहीं करेगा: अदालत”

  1. यदि हम सब आगे न आयेंगे यथोचित परिणाम सामने न आ सकेगा ।

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  2. पुलिस को हमेशा सत्ता इस्तेमाल करती है, सत्ताधारी पार्टी भी तो सत्ता की ही अनुचर है।

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