47 वर्ष मुकद्दमा चला: डेढ़ रूपये के बदले 6 रूपये 80 पैसे मुआवजा, बकाया देने के आदेश जारी

जमीन अधिग्रहण के 47 सालों के बाद गाजियाबाद के हजारों किसानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1.50 रुपये प्रति वर्ग मीटर की जगह 6 रुपये 80 पैसे प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। अधिवक्ता जवाहर सिंह ने बताया कि 9 फरवरी 1962 में मास्टर पलान के तहत गाजियाबाद के रजापुर, बम्हेटा, जटवाडा, सिहानी, सदीकनगर, महाराजपुर, अर्थला, करहेडा, पसौंडा, कडकड माडल, साहिबाबाद सहित 20 गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण डेढ़ रुपये वर्ग मीटर के आधार पर तय किया गया था।

दर कम दिए जाने के विरोध में हेमचंद ने 1977 में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मुआवजा राशि 8 रुपये 50 पैसे प्रति वर्ग मीटर तय कर दी। इससे संतुष्ट नहीं होने पर यूपीएसआईडीसी (Uttar Pradesh Small Industries Development Corporation) वर्ष 1984 में हाई कोर्ट चला गया। हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुआवजा राशि 6 रुपये 80 पैसे तय कर दी। यूपीएसआईडी के अधिकारी इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई 2009 को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट द्वारा तय किए गए 6 रुपये 80 पैसे प्रति वर्ग मीटर के मुआवजे के आदेश को सही मानते हुए फैसला सुनाया। साथ ही जिलाधिकारी को किसानों का बकाया मुआवजा देने का आदेश दिया है।
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One thought on “47 वर्ष मुकद्दमा चला: डेढ़ रूपये के बदले 6 रूपये 80 पैसे मुआवजा, बकाया देने के आदेश जारी”

  1. बकाया मुआवजे के 47 साल के ब्याज का क्या?

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