रिलायंस इंडस्ट्रीज को झटका: रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड के पक्ष में फैसला

आंध्र प्रदेश के कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को झटका देते हुए रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (RNRL) के पक्ष में फैसला सुनाया है। इससे निश्चित तौर पर अनिल अंबानी समूह को काफी राहत मिली है क्योंकि कोर्ट द्वारा तय 2.34 डॉलर की दर सरकार की ओर से तय की गई 4.2 डॉलर प्रति एमबीटीयू से करीब 44 फीसदी कम है। गैस की कीमत 2.34 डॉलर प्रति एमबीटीयू होने से 17 साल में अनिल अंबानी की कंपनी को 14.79 अरब डॉलर ही अदा करने पड़ेंगे, जबकि 4.2 डॉलर प्रति एमबीटीयू की दर यदि होती तो 26.55 अरब डॉलर अदा करने पड़ते। इस तरह कोर्ट के फैसले से आरएनआरएल को तकरीबन 11.8 अरब डॉलर कम अदा करने पड़ेंगे।

केजी बेसिन से गैस आपूर्ति को लेकर मुकेश और अनिल अंबानी की कंपनियों के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट में यह मामला तब से चल रहा है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आरएनआरएल को 2.34 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MBTU) की दर से गैस देने से मना कर दिया था। आरएनआरएल उत्तर प्रदेश के दादरी में 7,400 मेगावाट की बिजली परियोजना लगा रही है। हालांकि, 15 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस जे एन पटेल और के के तातेड की खंडपीठ ने फैसला सुना दिया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को दोनों भाइयों के बीच वर्ष 2005 में हुए समझौते के तहत 2.34 डॉलर प्रति एमबीटीयू की दर से 17 साल तक आरएनआरएल को प्रतिदिन 2.80 करोड़ घनमीटर गैस की आपूर्ति करनी होगी। यह गैस व्यापार में नहीं, बल्कि केवल बिजली उत्पादन में इस्तेमाल की जानी चाहिए।

कोर्ट ने मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को निर्देश दिया है कि वह एक महीने के भीतर RNRL के साथ नए आदेश के अनुरूप समझौता कर ले। अगर इसमें कोई दिक्कत आती है कि दोनों भाई अपनी मां कोकिलाबेन से सलाह-मशविरा कर सकते हैं।

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