मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट के न्यायाधीशों से जुड़े नकदी मामले पर टिप्पणी करने से इंकार किया

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन ने 23 मई को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों से जुड़े विवादास्पद नकदी मामले पर टिप्पणी से इंकार करते हुए कहा कि यह प्रश्न कहीं और पूछा जाना चाहिए। इस मामले की स्थिति के बारे में संवाददाताओं के प्रश्नों पर बालाकृष्णन ने कहा,”मैं इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता। इस मामले के संबंध में आपको पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से बात करनी चाहिए। आप मुझसेन्यायपालिका के बारे में कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं।”

उल्लेखनीय है कि 13 अगस्त 2008 को उच्च न्यायालय की नवनियुक्त न्यायाधीश निर्मलजीत कौर के घर पर 15 लाख रुपये का पैकेट पहुंच गया था। उन्होंने पुलिस बुला ली और एक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बाद में इस संबंध में हरियाणा के अतिरिक्त महाधिवक्ता संजीव बंसल, प्रापर्टी डीलर राजीव गुप्ता और दिल्ली स्थित होटल व्यापारी रविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया,जिसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। बंसल और गुप्ता ने बताया कि नकदी का पैकेट उच्च न्यायालय की एक अन्य न्यायाधीश निर्मल यादव के लिए था। उन्होंने दावा किया कि यादव के सेक्टर 24 स्थित सरकारी आवास पर 15 लाख रुपये का एक अन्य पैकेट पहुंचाया गया है।

घटना के कुछ समय बाद यादव अनिश्चितकालीन अवकाश पर चलीं गईं। बहरहाल पिछले सप्ताह उन्होंने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर को पत्र लिखकर काम पर लौटने की अनुमति मांगी क्योंकि जांच में उन्हें दोषी नहीं पाया गया।

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One thought on “मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट के न्यायाधीशों से जुड़े नकदी मामले पर टिप्पणी करने से इंकार किया”

  1. सर्वोच्च न्यायालय को भ्रष्टाचार की रोक के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए और सभी न्यायाधीशों पर गोपनीय निगरानी व्यवस्था उच्चतम न्यायालयों की ओर से होनी चाहिए।

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