धर्मगुरु द्वारा दो नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म: 16 साल की सजा

स्वयंभू धर्मगुरु संतोष माधवन को दो नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के जुर्म में 16 साल की सजा सुनाई गई है। केरल की एक अदालत ने माधवन उर्फ स्वामी अमृत चैतन्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 342 के तहत दोषी पाया। दोनों मामलों में आठ-आठ साल की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। अदालत ने माधवन को उस पीड़ित लड़की को दो लाख रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया है, जिसकी गवाही पर यह सजा सुनाई गई। इसके अलावा माधवन मुकदमे के खर्च के तौर पर 20 हजार रुपये का भी भुगतान करेगा। 

माधवन ने जनवरी से मार्च 2006 के बीच अपने अनाथालय की तीन गरीब नाबालिग लड़कियों और 22 साल की एक महिला के साथ बलात्कार किया था। हालांकि बाद में एक लड़की को छोड़कर बाकी पीड़ित अपने बयान से मुकर गए थे। माधवन के आवास से बड़े पैमाने पर अश्लील फिल्में बरामद की गई थीं। इस सिलसिले में भी उस पर मामला दर्ज है। इसके अलावा गांजा और बाघ की खाल रखने के आरोप में भी उस पर मामला दर्ज है।
VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 0.0/10 (0 votes cast)
Print Friendly, PDF & Email

One thought on “धर्मगुरु द्वारा दो नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म: 16 साल की सजा”

  1. आज कल धर्म का सदुपयोग ऐसे ही लोग कर रहे हैं।

    VA:F [1.9.22_1171]
    Rating: 0 (from 0 votes)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)