जुर्माने की रकम अदा न करने पर, जेल की सजा दी जा सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि निर्दिष्ट जुर्माने की रकम अदा नहीं करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को जेल की सजा दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जुर्माने नहीं भरने की स्थिति में अदालतों को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा-421 के तहत संबंधित व्यक्ति की संपत्ति की कुर्की की नोटिस जारी करने जैसी नई प्रक्रिया शुरू करने की कोई जरूरत नहीं। न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और सी. जोसेफ की पीठ ने विजयन नामक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी। 

विजयन ने अपनी याचिका में चेक बाउंस के एक मामले में 8.25 लाख रुपये का हर्जाना भरने में विफल रहने पर उसे सुनाई गई छह महीने की सजा पर सवाल उठाए थे। केरल की एक निचली अदालत द्वारा विजयन सुनाई गई इस सजा की सत्र अदालत ने भी पुष्टि कर दी थी। इसके खिलाफ दायर अपील केरल हाई कोर्ट में खारिज होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट में विजयन के वकील ने दलील दी कि अदालतें जुर्माने की अदायगी में चूक करने पर किसी व्यक्ति को सजा नहीं सुना सकतीं। वह सिर्फ संबंधित व्यक्ति की चल संपत्ति की कुर्की या बिक्री के जरिए रकम वसूली के लिए वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं।
VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 6.0/10 (2 votes cast)
जुर्माने की रकम अदा न करने पर, जेल की सजा दी जा सकती है, 6.0 out of 10 based on 2 ratings
Print Friendly, PDF & Email
यहाँ आने के लिए इन मामलों की हुई तलाश:
  • धारा 421

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)