2 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया वकील

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने नीरज चौधरी नाम के वकील को गिरफ्तार किया है जिसने एनआरआई से 2 लाख रुपये की रिश्वत इस बात के लिए ली कि वह मोहाली पुलिस द्वारा दर्ज किए अपहरण के केस को वापस करा देगा। एन आर आई देवेंद्र सिंह वि‍देश में रहता है। देवेंद्र सिंह के खिलाफ मोहाली पुलिस ने 2 अप्रैल को खुड्डा अली शेर की सरपंच भूपेंद कौर के पति गुरमेल सिंह का अपहरण करने के आरोप में मामला दर्ज कर रखा है। गुरमेल सिंह चंडीगढ़ पंचायत समिति मेंबर है। गुरमेल सिंह के भाई कुलविंदर सिंह ने पुलिस को बताया था कि जब गुरमेल सिंह मोहाली एसपी सिटी के दफ्तर से बाहर निकल रहा था, तब 8-10 लोगों ने उसे रोका और झगड़ा किया। उसे पीटा और गाड़ी में डालकर ले गए। कुलविंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि उसके भाई का देवेंद्र सिंह के साथ प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा है और देवेंद्र सिंह ने ही अपहरण किया है। पुलिस ने फौरन कार्रवाई की और गुरमेल को ढूंढ निकाला। पुलिस ने देवेंद्र सिंह और अन्य के खिलाफ दफा 365, 148, 149 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि एक वकील, नीरज चौधरी देवेंद्र सिंह के संपर्क में आया। चौधरी ने देवेंद्र से कहा, वह मोहाली के एसपी सिटी एस. एस. गिल से मिलकर अपहरण का केस वापस करा देगा, लेकिन इसके लिए 10 लाख रुपये लगेंगे। चौधरी ने मध्यस्थ बनकर यह जता दिया कि पैसे मिलने के बाद मामला वापस हो जाएगा। देवेंद्र सिंह ने चौधरी को ढाई लाख रुपये दे दिए लेकिन केस वापस नहीं हुआ। चौधरी ने कहा और पैसे लाओ।

दुखी देवेंद्र ने विजिलेंस ब्यूरो से शिकायत की। ब्यूरो ने मामला दर्ज किया और देवेंद्र सिंह के पिता के हाथ 2 लाख रुपये चौधरी के पास भिजवाए। 24 अप्रैल देर शाम जब देवेंद्र सिंह के पिता 2 लाख रुपये लेकर चौधरी के पास गए, चौधरी ने पैसे ले लिए और विजिलेंस ब्यूरो ने चौधरी को रंगे हाथों दबोच लिया। 25 अप्रैल को मोहाली अदालत ने चौधरी को रिमांड पर ब्यूरो के हवाले कर दिया।

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2 thoughts on “2 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया वकील”

  1. नीरज चौधरी की बार ऐसोसिएशन की सदस्यता तुरंत समाप्त कर देनी चाहिए और बार काउंसिल को उस के विरुद्ध व्यावसायिक दुराचरण के लिए कार्यवाही कर वहाँ से भी उस की सदस्यता सदैव के लिए समाप्त कर देनी चाहिए।
    हमारे यहाँ एक ऐसा ही मामला कुछ दिन पहले हुआ था। शिकायत मिलने पर तुरंत बार ऐसोसिएशन की सदस्यता रद्द कर दी गई और राज्य बार काउंसिल को शिकायत भेजी गई जिस पर व्यावसायिक दुराचरण का मामला दर्ज हो गया है। जिला जज और उच्चन्यायालय ने इस वकील की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। लेकिन अभी तक पुलिस ने वकील को गिरफ्तार नहीं किया है।

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  2. यदि रिश्वत देकर काम हो जाता तो यह मामला कभी प्रकाश में नहीं आता। जरा सोचिये।

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