एयर होस्टेस की कमर देखे जाने पर लताड़, एयर होस्टेस को राहत देने से भी इंकार

मोटापे के कारण एयर होस्टेस को नौकरी से निकाले जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया है कि क्या किसी स्वतंत्र देश में नौकरी से हटाने का यह आधार हो सकता है? पीठ ने यह भी कहा कि शारीरिक सुंदरता से ज्यादा महत्वपूर्ण व्यवहार है। हालांकि पीड़ित एयर हास्टेस को फौरी तौर पर राहत देने से कोर्ट ने साफ इन्कार कर दिया और मामले को पहले से लंबित अन्य मामले के साथ सुनवाई के लिए लगाए जाने का निर्देश दिया।

इंडियन एयर लाइंस ने ज्यादा वजन का हवाला देकर विमान परिचारिका साधना को नौकरी से निकाल दिया था। साधना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नौकरी से निकाले जाने को चुनौती दी है। साधना के साथ आठ और विमान परिचारिकाओं को हटाया गया था। सुप्रीम कोर्ट में इंडियन एयर लाइंस की 13 अन्य विमान परिचारिकाओं की भी याचिकाएं लंबित हैं। इन सभी को मोटापे के कारण विमान पर की ड्यूटी से हटा कर ग्राउंड ड्यूटी में भेज दिया गया है। कोर्ट ने दोनों मामले एक साथ सुनवाई के लिए लगाए जाने का निर्देश दिया है।

शुक्रवार को न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी की पीठ ने साधना की याचिका पर सुनवाई करते हुए इंडियन एयर लाइंस के वकील गोपाल सुब्रमण्यम से कहा कि क्या एक स्वतंत्र देश में नौकरी से निकाले जाने का यह आधार हो सकता है? पीठ ने कहा कि इस तरह की शर्त लगाने के बजाय यदि एयर लाइंस अच्छे व्यवहार के लिए दबाव बनाए तो यात्री ज्यादा खुश होंगे। आखिर शारीरिक खूबसूरती से ज्यादा जरूरी है सुंदर व्यवहार।

पीठ की टिप्पणियों का जवाब देते हुए सुब्रमण्यम ने कहा कि आजकल प्रतियोगिता का जमाना है। इंडियन एयरलाइंस की अन्य प्राइवेट एयरलाइंस से प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में अधिक वजन वाली और सुस्त विमान परिचायिकाएं नहीं रखी जा सकतीं। उन्होंने कहा कि इनकी सेवा शर्तों में वजन एक आधार दिया गया है। वैसे भी इन्हें वजन कम करने के लिए चार साल का समय दिया गया। साधना के वकील ने मामले पर अंतिम फैसला आने तक बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि फिलहाल रोक आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

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2 thoughts on “एयर होस्टेस की कमर देखे जाने पर लताड़, एयर होस्टेस को राहत देने से भी इंकार”

  1. “इनकी सेवा शर्तों में वजन एक आधार “

    this is the cause of all problems of “Indiscipline” in india
    we dnt want to follow any rules

    and the law is being forced to bend in all directions by vested interests

    in the era when airlines are planing to charge fare by weight for obese people such judgments will be redundent .

    i feel we should adhere to the rules which are given to us at the time of the job

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  2. न्यायाधीश का यह कहना बिलकुल ठीक है कि कमर न देखकर व्यवहार देखना चाहिये। लेकिन अधिक वजन वाले एयर होस्ट/ एयर होस्टेस को विमान की तंग जगह में काम करने में दिक्कत हो सकती है।

    चार साल पहले जब मैंने अपनी पहली हवाई टिकट बुक करायी थी, तब मेरी एक विवाहित महिला मित्र ने पूछा कि कौनसी एयरलाइंस? मैंने कहा “इंडियन एयरलाइंस”। उसने मुस्कुराकर कहा था, “बूढ़ी होस्टेस मिलेगी”। जब खुद महिलाओं का यह सोचना हो, तो निजी एयरलाइंस से प्रतिस्पर्धा में इंडियन एयरलाइंस की हार ही होगी।

    अमेरिका में मैं करीब २० बार हवाई जहाज में बैठा हूँ। यहाँ एयर होस्ट (पुरुष) ज्यादा मिलते हैं और एयर होस्टेस (महिला) कम। यहाँ एयर होस्टिंग व्यवसाय में पुरुष अकसर युवा दिखते हैं, लेकिन महिलायें हमेशा चेहरे पर झुर्रिया लिये मिलती हैं! शायद युवा महिलाओं को सबसे अधिक वेतन मिलता होगा। पैसे बचाने का यह एक और नायाव अमेरिकी तरीका है।

    कायदे से रचना जी की सभी बातें बिलकुल सही हैं, खासतौर पर उनकी टिप्पणी की अंतिम पंक्ति, जिसेसे न्यायाधीश भी संभवत: सहमत ही होंगे।

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