MTNL के पूर्व महाप्रबंधक को तीन साल की कैद व जुर्माना

MTNL के कार्यालयों का किराया जारी करने के एवज में मकान मालिक से रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के मामले में तीसहजारी कोर्ट ने एमटीएनएल के पूर्व उप महाप्रबंधक आर के वरुण को तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। सीबीआई ने उसे आठ साल पूर्व रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। साथ ही अदालत ने शिकायतकर्ता के बयान से मुकरने व झूठी गवाही देने पर उसके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि क्यों न उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। 

इस मामले में मुकेश के दो मकानों में MTNL का कार्यालय है। किराया जारी करने के लिए एमटीएनएल के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर आर के वरुण ने उससे रिश्वत मांगी थी। मुकेश ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी थी। जिस पर सीबीआई ने 16 नवंबर 2000 को आरके वरुण को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान मुकेश बयान से मुकर गया। यहां तक कि अदालत में उसने सीबीआई द्वारा रिकार्ड किए गए वरुण की आवाज भी पहचानने से इंकार कर दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात कोर्ट ने कहा कि मुकेश द्वारा बयान से मुकरने पर भी सीबीआई के खिलाफ अभियुक्त वरुण के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। 
प्रस्तुत कागजातों को भले ही सीबीआई ने अपने अनुसार लिखा है किंतु उस पर हस्ताक्षर मुकेश का है। लगता है कि मुकेश वरुण को फायदा पहुंचाने के लिए बयान से मुकरा। इसलिए आरके वरुण को तीन साल कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई जाती है।
VN:F [1.9.22_1171]
Rating: 0.0/10 (0 votes cast)
Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)