बॉलीवुड के मसाला फिल्म की कहानी जैसा एक मुकद्दमा

मलेशिया की अदालत में बॉलीवुड के माहौल पर द्विवेदी जी की टिप्पणी आयी थी की अदालतें हमेशा नीरस नहीं होती। यहाँ भारत में भी एक दिलचस्प मुकद्दमा नज़र में आया है जो बालीवुड के किसी मसाला फिल्म की कहानी से कम नहीं। हुया यह कि रवि और अनिता सहपाठियों के रूप में पले-बढ़े और प्रेम में पड़ गए। वे विवाह करना चाहते थे। परिवार ने इसे मान्यता नहीं दी। परिवार की दीवार के कारण रवि ने अपने रास्ते जुदा करना मुनासिब समझा। अब इसे भाग्य का ही खेल कहेंगे कि छह साल बाद दोनों करीब आए, जब परिवार की मर्जी से शिवा के साथ अनिता की सगाई हो रही थी।

प्यार में पागल रवि ने अनिता से सगाई तोड़ने को कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। रवि ने जून 2000 में उत्तरी दिल्ली में शिवा की हत्या कर दी। प्रेम में पागल रवि के खिलाफ अनिता की गवाही से मंगेतर की हत्या के आरोप में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी। इसके बाद जमानत पर छूटे रवि और अनिता में फिर प्यार हुआ। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट में रवि की अपील के दौरान दोनों परिणय सूत्र में बंद गए। अनिता अब अपने पति को बचाने के हरसंभव प्रयास में है और पूर्व में दिए गए अपने बयान को बदलना चाहती है। अदालत ने अनुमति से इनकार कर दिया है और रवि की सजा बरकरार रखी है।

रवि की सजा बरकरार रखने के आदेश में अदालत ने कहा, ‘हमारा संदेश है कि दोषी को गलत फंसाने की लड़की की मंशा नहीं थी और परिस्थिति में उसने सच कहा।’

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One thought on “बॉलीवुड के मसाला फिल्म की कहानी जैसा एक मुकद्दमा”

  1. हाँ, यह कहानी पूरी फिल्मी है।
    अपनों को बचाने की यह प्रवृत्ति ही अपराधों को बढ़ावा देती है।

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