बाराबंकी के जेलर, डिप्टी जेलर को भरी अदालत में वर्दी उतारने का आदेश दिया कोर्ट ने

न्यायालय के आदेश की अवमानना करने पर बाराबंकी के प्रभारी जेल अधीक्षक/जेलर रामधनी, डिप्टी जेलर समीउद्दीन सुरेश कुमार सिंह की वर्दी 5 मार्च को भरी अदालत में उतर गई। जज रामकृष्ण गौतम ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश भी दे दिया। करीब तीन घंटे की न्यायिक हिरासत के बाद तीनों अधिकारियों को दस-दस हजार के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। मामला गैंगस्टर अभियुक्त रामनरेश रावत को नाजायज तौर पर जेल में निरुद्ध रखने का है।

इसी अदालत ने अभियुक्त की जमानत मंजूर करने पर गत वर्ष 26 अक्टूबर को रिहा करने का आदेश दिया था। रिहाई आदेश भी बाराबंकी जेल अधीक्षक को भेज दिया गया। जेल अधिकारियों ने रिहाई में त्रुटि बताते हुए बंदी को नहीं छोड़ा। पुन: न्यायालय में 31 अक्टूबर 2008 को संशोधित आदेश भी जारी कर दिया गया। इसके बाद भी अभियुक्त को जेल से रिहा नहीं किया गया। मामला इसी तरह अटका रहा और बंदी रामनरेश रावत रिमांड पर जेल से अदालत आता-जाता रहा। रामनरेश रावत ने गत दो मार्च को उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने भी उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।

इस आदेश की जानकारी मिलते ही जज ने बाराबंकी जेल अधीक्षक, जेलर व डिप्टी जेलर से न्यायालय के आदेश की अवमानना की नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण समेत अदालत में तलब कर लिया। जागरण की ख़बर है कि न्यायालय के इस आदेश से घबराए जेल अधिकारियों ने गत चार मार्च को ही अभियुक्त रामनरेश रावत को जेल से रिहा कर दिया। गुरुवार को तीनों जेल अधिकारियों ने न्यायालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। जज रामकृष्ण गौतम ने स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए तीनों जेल अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए वर्दीविहीन करने का आदेश दे दिया। इस पर अमल भी हुआ। इसी के साथ मामला बाराबंकी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को रिफर कर अगली कार्रवाई का आदेश भी न्यायालय ने दिया। तीन जेल अधिकारियों को तत्काल न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।

जेल अधिकारियों के जेल जाने की नौबत बनते ही महकमे में खलबली मच गयी। फैजाबाद जेल के कार्यवाहक अधीक्षक राजवीर सिंह तुरंत अदालत पहुंचे और न्यायिक हिरासत में रखे गए जेल अधिकारियों रामधनी, समीउद्दीन व सुरेश कुमार सिंह की जमानत की पैरवी शुरू की। शाम को जब न्यायालय ने इन अधिकारियों को बीस-बीस हजार के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए, तब इन अधिकारियों की सांस में सांस आई।

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One thought on “बाराबंकी के जेलर, डिप्टी जेलर को भरी अदालत में वर्दी उतारने का आदेश दिया कोर्ट ने”

  1. काश! इस घटना के चित्र भी देखने को मिल जाते।

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