दुष्कर्मी की सजा कम करने पर हाईकोर्ट को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की सजा कम करने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को फटकार लगाई है। अभियुक्त पर नाबालिग लड़की का अपहरण कर अनजान जगह कई दिन तक दुष्कर्म करने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की यह दलील खारिज कर दी कि मामला दुष्कर्म का न होकर रजामंदी से सेक्स का था। हाईकोर्ट के मुताबिक लड़की समझदार थी और उसने शुरुआत में मामले की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। न्यायमूर्ति एस. बी. सिन्हा और सी. जोसेफ की पीठ ने कहा, यह समझना मुश्किल है कि किस बिना पर हाई कोर्ट ने माना कि 15 वर्षीय लड़की समझदार थी और छतरपुर में कई दिनों तक आरोपी के साथ रहने पर भी उसने किसी से इसकी शिकायत नहीं की।

पीठ ने कहा, ‘हाईकोर्ट द्वारा सजा घटा कर ऐसे मामलों में दी जाने वाली न्यूनतम सजा से भी कम कर देना कतई उचित नहीं था ऐसे मामलों में अदालतों को अपने अधिकारों का संयम से उपयोग करना चाहिए।’ पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार की चुनौती याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के इस निर्णय का समर्थन नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने अभियुक्त बबलू नट की सजा घटाकर चार साल व दो माह करने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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