असंल बंधुओं को दी गयी सजा बरकरार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने वर्ष 1997 में हुये उपहार सिनेमा हाल अग्निकांड मामले में निचली अदालत द्वारा अंसल बंधुओं सहित तीन लोगों को दी गयी दो साल की सजा के आदेश को बरकरार रखा है। इस अग्निकांड में 59 लोगों की मृत्यु हुयी थी। न्यायमूर्ति रवीन्दर भट्ट ने अंसल बंधुओं सुशील तथा गोपाल एवं 11 आरोपियों द्वारा निचली अदालत के निर्णय पर दाखिल समीक्षा याचिका पर यह फैसला दिया। अंसल बंधु उपहार सिनेमा के मालिक हैं।
अंसल बंधुओं की आ॓र से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने उनके खिलाफ लगे सभी आरोपों का प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि अंसल बंधुओं का किसी को मारने का इरादा नही था। वह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा कि जब यह दुर्घटना हुयी उस समय अंसल बंघु निदेशक मंडल के सदस्य नहीं थे इसलिये वे इस घटना के जिम्मेदार नही हैं।

निचली अदालत ने गत वर्ष 20 नवम्बर को अंसल बंधुओं सहित तीन लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए के तहत दो साल की सजा दी थी। इस मामले में सात अन्य जिनमें सिनेमा प्रबंधक अजीत चौधरी और निर्मल चोपडा सहित सात अन्य को सात साल की जेल की सजा दी थी। चौधरी की छह दिसम्बर को तिहाड़ जेल में बीमारी की हालत में मृत्यु हो गयी थी।

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